Sovereign Gold Bonds Scheme 2023-24 (Series I)

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, SGB को FY24 में दो चरणों में जारी किया जाएगा।  भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा Sovereign Gold Bonds Scheme 2023-24 (Series I) 19 जून 2023 को निवेश के लिए खुल गई है यह स्कीम 23 जून 2023 तक खुली रहेगी, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेशक 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने में निवेश करते हैं यानी 99.9 फीसदी प्योर गोल्ड में इंवेस्ट किया जाता है. निवेश के लिए सोने की कीमत ₹5926 प्रति 1 ग्राम तय की गई  है।

इस स्कीम में निवेश के लिए आवेदन ऑनलाइन ऑफलाइन दोनों तरह से किया जा सकता है।

(2023-24 सीरीज II सब्सक्रिप्शन के लिए  11 सितंबर को खुलेगी और 15 सितंबर, 2023 को बंद होगी । SGB ​​20 सितंबर, 2023 को जारी किया जाएगा।)

क्या है सॉवरेन गोल्ड बांड?

सॉवरेन गोल्ड बांड एक सरकारी बांड होता है, इसे  डीमैट  के रूप में परिवर्तित कराया जा सकता है। यदि बांड 5 ग्राम सोने का है, तो 5 ग्राम सोने की जितनी कीमत होगी उतनी ही बांड की कीमत होगी इसे आरबीआई की तरफ से जारी किया जाता है।

क्या है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड सीरीज के लिए इश्यू प्राइस

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड सीरीज के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने 5,926 रुपये का दाम तय किया है. ये फिजिकल या ऑफलाइन मोड से खरीदने के लिए है और अगर आप ऑनलाइन मोड में ये गोल्ड बॉन्ड खरीदते हैं तो प्रति ग्राम 50 रुपये का डिस्काउंट मिलेगा. इस तरह 1 ग्राम सोने के लिए 5876 रुपये चुकाने होंगे. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के जरिए आप एक वित्त वर्ष में कम से कम 1 ग्राम और अधिकतम 4 किलोग्राम सोने में निवेश कर सकते हैं.

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड द्वारा शुद्ध सोने में निवेश

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में आप 24 कैरेट यानी 99.9% शुद्ध सोने में निवेश करते हैं। ऑनलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह से इसमें निवेश किया जा सकता है। SGBs में निवेश पर 2.50% का सालाना ब्याज मिलता है। पैसों की जरूरत पड़ने पर बॉन्ड के बदले लोन भी लिया जा सकता है।

 ऑनलाइन खरीदने पर 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट

डिजिटल माध्यम से गोल्ड बॉन्ड के लिये आवेदन और भुगतान करने वाले निवेशकों के लिए सब्सक्रिप्शन प्राइस 50 रुपये प्रति ग्राम कम होगा. निवेशकों को निर्धारित मूल्य पर सालाना 2.50 फीसदी ब्याज छमाही आधार पर दिया जाएगा. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की अवधि आठ वर्ष की होगी और पांचवे वर्ष के बाद कस्टमर्स के पास इससे बाहर निकलने का विकल्प होगा. इन बॉन्ड का मैच्योरिटी पीरियड 8 साल और लॉक-इन पीरीयड 5 साल का है तो इसका प्रीमैच्योर रिडेंप्शन 5 साल और फुल रिडेंप्शन 8 साल के बाद हो सकता है.

गोल्ड बॉन्ड कहां से खरीद सकते हैं?

निवेशक इसे स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SHCIL), पोस्ट ऑफिस, सरकारी और निजी बैंक, मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों (Stock Exchanges), NSE और BSE के जरिए खरीद सकते हैं. हालांकि स्माल फाइनेंस बैंक और पेमेंट बैंक से आप ये नहीं खरीद सकते हैं. गोल्ड बॉन्ड की यूनिट खरीदें और उसके मूल्य के बराबर का अमाउंट आपके डीमैट खाते से जुड़े अकाउंट से कट जाते हैं.

कितना और कौन कर सकते हैं निवेश

ये बॉन्ड निवासी व्यक्तियों, अविभाजित हिंदू परिवार (HUF), न्यासों, विश्वविद्यालयों और धर्मार्थ संस्थाएं ही खरीद सकते हैं. इंडीविजुअल निवेशक एक साल में अधिकतम 4 किलोग्राम सोने के बॉन्ड खरीद सकते हैं. इसके अलावा ट्रस्ट या संस्थाएं एक साल में अधिकतम 20 किलोग्राम के बॉन्‍ड खरीद सकते हैं.

8 साल से पहले निकालने पर देना होता है टैक्स

सॉवरेन 8 साल के मैच्योरिटी पीरियड के बाद इससे होने वाले लाभ पर कोई टैक्स नहीं लगता। वहीं अगर आप 5 साल बाद अपना पैसा निकालते हैं, तो इससे होने वाले लाभ पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) के रूप में 20.80% टैक्स लगता है।

7 सालों में दिया 120% का रिटर्न

2015-16 में जब सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम को लॉन्च किया गया था, तब इसका प्रति ग्राम भाव 2,684 रुपए था। इस पर 50 रुपए का डिस्काउंट था। यानी, भाव 2,634 रुपए हो गया था। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की अभी जो सीरीज लॉन्च हुई है, उसका भाव 5,926 रुपए है। 50 रुपए डिस्काउंट के साथ यह भाव अब 5,876 रुपए पर पहुंच गया है। इस तरह से पिछले 7 सालों में इस स्कीम से करीब 120% का रिटर्न मिला है।

Sovereign Gold Bonds Scheme 2023-24 (Series I) / सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के बारे में कुछ मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  1. सॉवरेन गोल्ड बांड भारत सरकार की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी किए जाते हैं।
  2. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की अवधि आमतौर पर 8 साल होता है, जिसमें 5वें साल के बाद बाहर निकलने का विकल्प होता है। हालाँकि, सरकार समय-समय पर नए गोल्ड बॉन्ड की नई सीरीज जारी करती रहती है।
  3. बांड को सोने के ग्राम में मूल्यवर्गित किया जाता है, जिसमें न्यूनतम निवेश आम तौर पर 1 ग्राम निर्धारित होता है। आमतौर पर निवेश के लिए एक ऊपरी सीमा होती है, जिसे सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाता है।
  4. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड निवेश पर एक निश्चित ब्याज दर प्रदान करते हैं। ब्याज वर्तमान में 2.5% प्रति वर्ष निर्धारित है, जो अर्ध-वार्षिक देय है।
  5. निश्चित ब्याज दर के अलावा, सॉवरेन गोल्ड बांड का मूल्य सोने के बाजार मूल्य से जुड़ा होता है। बांड को परिपक्वता के समय या प्रारंभिक निकास के दौरान मौजूदा सोने की कीमत पर भुनाया जाता है।
  6. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्टॉक एक्सचेंजों पर व्यापार योग्य हैं, जिससे निवेशक परिपक्वता से पहले बाहर निकलना चाहते हैं तो उन्हें द्वितीयक बाजार में बेचने की अनुमति मिलती है।
  7. सॉवरेन गोल्ड बांड पर कुछ कर लाभ मिलते हैं। बांड पर अर्जित ब्याज निवेशक के आयकर स्लैब के अनुसार कर योग्य है। हालाँकि, परिपक्वता पर या प्रारंभिक निकास के दौरान बांड के मोचन से उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ को पूंजीगत लाभ कर से छूट दी गई है।

 

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