Digital break/ Digital Detox डिजिटल ब्रेक/डिजिटल डिटॉक्स

Digital break/ Digital Detox डिजिटल ब्रेक/डिजिटल डिटॉक्स : आजकल आपने अपने आस पास कभी देखा या सुना होगा कि “बहुत थक गया/गई हूँ, “इसलिए मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया था” या “सोशल मीडिया से दूरी बना ली है”। इसका एक और उदाहरण आजकल देखने को मिलता है, कि किसी जानी मानी हस्ती या celebrity ने अपनी सोशल मीडिया वाल पर कुछ दिनों के लिए Digital break/ Digital Detox डिजिटल ब्रेक/डिजिटल डिटॉक्स लेने की बात कही हो।

डिजिटल डिटॉक्स का तात्पर्य वास्तविक दुनिया से दोबारा जुड़ने, तनाव कम करने और जीवन में स्वस्थ संतुलन हासिल करने के लिए ब्रेक लेने या डिजिटल उपकरणों और प्रौद्योगिकी के उपयोग को कम करने के अभ्यास से है। इसमें एक निश्चित अवधि के लिए स्मार्टफोन, कंप्यूटर, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य डिजिटल टूल से जानबूझकर अनप्लग करना शामिल है। हमारे जीवन में प्रौद्योगिकी की सर्वव्यापकता ने स्क्रीन समय और निरंतर कनेक्टिविटी को बढ़ा दिया है, जो हमारे मानसिक और शारीरिक कल्याण पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। डिजिटल डिटॉक्स का उद्देश्य डिजिटल दुनिया से अलग होने और जीवन के अन्य पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर प्रदान करके इन प्रभावों का प्रतिकार करना है।

क्यों जरूरी है डिजिटल ब्रेक

मोबाइल, लैपटॉप, इंटरनेट, इन सबने व्यक्ति का काम बहुत ही आसान बना दिया है। आजकल यदि किसी भी चीज़ की आवश्यकता है तो वह बस आपके अंगूठे के एक क्लिक से संभव है। हर सुबह उठकर टाइम देखना हो, अलार्म बंद करना हो, कोई समाचार साझा करना हो या फिर दोस्तों के साथ चैट करना या फ़ोटो क्लिक करना हो बस मोबाइल हाथ में होना चाहिए।

मोबाइल, लैपटॉप के अत्यधिक इस्तेमाल करने से इंसान तनावग्रस्त होता जा रहा है। मोबाइल का इस्तेमाल एक एडिक्शन सा बनता जा रहा है जो लोगो को वास्तविक दुनिया से दूर करके एक आभासी दुनिया की ओर ले जा रहा है। Digital break या डिजिटल डेटॉक्स के द्वारा लोग आभासी दुनिया से कुछ अवधि के लिए दूरी बना लेते हैं।

What is Digital break or digital detox डिजिटल ब्रेक क्या है..?

डिजिटल ब्रेक का मतलब है,” कुछ समय के लिए मोबाइल, लैपटॉप, इंटरनेट से ब्रेक लेना”।
डिजिटल ब्रेक एक तरह से दिमाग को डिटॉक्स करने का काम करता है।आंखों व दिमाग को आराम पहुंचाता है, यह मेन्टल व फिजिकल हेल्थ के लिए अच्छा होता है। डिजिटल स्क्रीन का अधिक इस्तेमाल करने से तनाव, उदासी, और एंग्जायटी जैसी परेशानियां होने लगती है, ऐसे समय में हमें digital detox की तरफ बढ़ना चाहिए।

डिजिटल ब्रेक (digital break) कैसे ले?

  1.  अगर कई दिनों का ब्रेक लेना संभव न हो तो दिन का कुछ समय निर्धारित कर लें जब आप सभी डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल न करें और हर दिन स्क्रीन से 1-2 घंटे की दूरी बनाएं।
  2. ऐसे apps जो जरूरी नहीं हैं उनके नोटिफिकेशन बंद रखें। जो ,काम जरूरी हैं उनकी लिस्ट बनाएं, लिखे कामों को निपटाकर offline हो जाएं।
  3. परिवार के सभी सदस्य अपने मोबाइल को दूर रखकर एक दूसरे का साथ समय व्यतीत करें। कुछ रोचक कार्य जैसे खेलना, बातें करना किताब पढ़ना या अपने अपने अनुभव साझा कर सकते हैं।
  4. घर में नियम बनाये की खाना खाते समय कोई भी डिजिटल गैजेट्स आसपास न हों।
  5. परिवार जनों या मित्रों से बात करते समय बार बार मोबाइल न देखें, इससे रिश्ते बेहतर होते हैं।
  6. बेडरूम में टी०वी० नहीं लगाएं। सोने से पहले मोबाइल का उपयोग न करें।
  7. प्रकृति का अन्वेषण करें, बाहर समय बिताएं और प्रकृति से जुड़ें। लंबी पैदल यात्रा, बागवानी या बस टहलने जैसी गतिविधियों में शामिल होने से आपको आराम और तरोताजा होने में मदद मिल सकती है।

उपरलिखित बातों को ध्यान में रखते हुए हम डिजिटल ब्रेक ले सकते हैं।

याद रखें, डिजिटल डिटॉक्स ( Digital Detox) का मतलब आपके जीवन से प्रौद्योगिकी को पूरी तरह से खत्म करना नहीं है। यह एक संतुलन खोजने और जानबूझकर और दिमाग से डिजिटल उपकरणों का उपयोग करने के बारे में है। डिजिटल डिटॉक्स की अवधि और सीमा व्यक्तिगत प्राथमिकताओं और जरूरतों के आधार पर भिन्न हो सकती है। यह एक अल्पकालिक ब्रेक हो सकता है, जैसे सप्ताहांत डिटॉक्स, या स्क्रीन समय कम करने के लिए दीर्घकालिक प्रतिबद्धता। अंततः, लक्ष्य आपकी डिजिटल आदतों पर नियंत्रण हासिल करना और प्रौद्योगिकी के साथ एक स्वस्थ संबंध बनाना है।

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