लू (हीट स्ट्रोक) के लक्षण, सावधानियां और इसका उपचार

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लू (हीट स्ट्रोक) के लक्षण, सावधानियां और इसका उपचार (Symptoms, precautions and treatment of heat stroke) 
लू (हीटस्ट्रोक) एक ऐसी स्थिति है जो आपके शरीर के अत्यधिक गर्म होने के कारण होती है, गर्मी के महीनों में यह स्थिति सबसे आम है, गर्मियों की चिलचिलाती धूप में बाहर निकलने पर लू लग सकती है। अधिकतर मई जून के महीने में जब तापमान अपने उच्चतम स्तर पर होता है तब लू लगने की संभावना अधिक होती है।आमतौर पर उच्च तापमान में लंबे समय तक रहने या शारीरिक परिश्रम के परिणामस्वरूप लू लग सकती है। गर्मी का सबसे गंभीर रूप, हीटस्ट्रोक या लू लगना  तब हो सकता है जब आपके शरीर का तापमान 104°फहरेनहाइट (40° सेल्सियस) या इससे अधिक हो जाए।
Symptoms, precautions and treatment of heat stroke
Symptoms, precautions and treatment of heat stroke

 

लू (हीट स्ट्रोक) के लक्षण signs and symptoms of heatstroke
  • पसीना नही आना
  • चेहरा लाल होना
  • तेज बुखार (104°फहरेनहाइट 40° सेल्सियस)
  • नाड़ी का तेज चलना
  • सांस लेने में कठिनाई होना और चक्कर आना
  • गर्म, लाल त्वचा या बहुत पीली त्वचा
  • निम्न या उच्च रक्तचाप

 

 लू से होने वाली गंभीर समस्याएं (serious problems caused by heat stroke) 
हीटस्ट्रोक से पीड़ित लोगों को सदमा लग सकता है या वे कोमा में जा सकते हैं। शरीर का उच्च तापमान निम्न समस्याओं का कारण बन सकता है:
  • तीव्र श्वसन संकट सिंड्रोम (एआरडीएस)।
  • मस्तिष्क में सूजन
  • किडनी खराब होना
  • यकृत का काम करना बंद कर देना
  • मेटाबॉलिक डिसफंक्शन
  • हृदय में रक्त का प्रवाह कम होना और अन्य संचार संबंधी समस्याएं

 

लू से बचने के लिए सावधानियां (precautions to avoid heat stroke)

 तेज धूप में बाहर जाने से बचे, अगर बाहर निकले भी तो सर व गर्दन को कपड़े से ढक कर रखें। छाता या टोपी का उपयोग करें।

खाली पेट घर से न निकलें, खाना खाकर ही बाहर जाएं।

भीड़ और घुटन भरे स्थानों से दूर रहें। कभी भी किसी को खड़ी कार में न छोड़ें। यह बच्चों में गर्मी से संबंधित मौतों का एक सामान्य कारण है। धूप में पार्क करने पर, आपकी कार का तापमान 10 मिनट में 20 डिग्री F (11 C से अधिक) बढ़ सकता है।

गर्म मौसम में किसी व्यक्ति को खड़ी कार में छोड़ना सुरक्षित नहीं है, भले ही खिड़कियां खुली हों या कार छाया में हो। जब आपकी कार खड़ी हो तो उसे लॉक रखें ताकि कोई बच्चा अंदर न आ सके

थोड़ी थोड़ी देर में पानी पीते रहें, हाइड्रेटेड रहने से आपके शरीर से पसीना निकलने में मदद मिलेगी और शरीर का तापमान सामान्य बना रहेगा

गर्म , आर्द्र परिस्थितियों में अत्यधिक शारीरिक गतिविधि से बचें। दिन के ठंडे हिस्सों, जैसे सुबह जल्दी या शाम, के लिए व्यायाम या शारीरिक श्रम का समय निर्धारित करने का प्रयास करें।

यदि आप गर्मी में बाहर जा रहे हैं तो हल्के रंग के और ढीले-ढाले कपड़े पहनें, अधिक कपड़े या कसकर फिट होने वाले कपड़े पहनने से आपका शरीर ठीक से ठंडा नहीं हो पाएगा

लू (हीट स्ट्रोक) का इलाज: (Treatment for heat stroke)
लू लगने पर व्यक्ति का तुरंत इलाज किया जाना महत्वपूर्ण है क्योंकि हीट स्ट्रोक से स्थायी क्षति या मृत्यु हो सकती है। मदद आने की प्रतीक्षा करते समय आप कुछ तत्काल प्राथमिक चिकित्सा उपाय कर सकते हैं, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
  • रोगी को तुरंत छायादार व खुले स्थान पर ले जाएं।
  • कपड़े खोल दें या ढीले कर दें, त्वचा पर धीरे-धीरे ठंडा पानी लगाएं और पंखा करें।
  • माथे पर ठंडी पानी की पट्टियां रखें, कमर और बगल पर आइस पैक लगाएं।
  • व्यक्ति को ठंडे क्षेत्र में अपने पैरों को थोड़ा ऊपर उठाकर लिटाएं।
  • ठंडे पेय, शिकंजी या नींबू पानी दें, गर्म भोजन खाने के लिए न दें।
  • तेज बुखार होने पर डॉक्टर को दिखाएं।

अस्वीकरण यह: लेख केवल सामान्य जानकारी प्रदान करता है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

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